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दादा साहब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित डायरेक्टर दाने दाने को हुआ मोहताज, कभी गोविंदा को दिलाया था काम

नई दिल्ली। बॉलीवुड की माया नगरी में हर इंसान की किस्मत पल में चमकती है तो पल में बिगड़ जाती है। जिसका अंदाजा कोई नही लग सकता। जो स्टार इस इंडस्ट्री में आकर जम जाता है वो हमेशा सुर्खियों में बना रहता है और जिस स्टार का करियर डगमगाने लगता है वो गुमनामी की जिंदगी जीने को मजबूरहो जाता है और ऐसा ही कुछ हुआ आर्ट डायरेक्टर लीलाधर सावंत (Leeladhar Sawant) के साथ, जो इन दिनों आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उनकी पत्नि पुष्पा सावंत (Pushpa Sawant) ने ट्वीट के माध्यम से मदद की गुहार लगाई है।

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दादा साहब फाल्के (Dadasaheb Phalke) अवॉर्ड से सम्मानित आर्ट डायरेक्टर लीलाधर सावंत (Leeladhar Sawant) ने एक समय बॉलीवुड को करीब 25 साल दिए थे लीलाधर सावंत फिल्मों में स्टेज बनाते थे उनके काम को देख उन्हें फिल्मी जगत का सर्वोच्च अवॉर्ड दादा साहब फाल्के, फिल्मफेयर अवॉर्ड, मानिकचन्द अवार्ड मिल चुके हैं लेकिन उनकी एक बीमारी के चलते पूरा परिवार बिखर गया। उनकी दो बाइपास सर्जरी हो चुकी है. दो बार ब्रेन हैमरेज का अटैक भी आ चुका है। और इसके इलाज में जमा की सारी जमा पूंजी खत्म हो गई।

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आज के समय में लीलाधर अपनी पत्नी पुष्पा सावंत (Pushpa Sawant) के साथ किराए के मकान में रहने रह रहे हैं। और वे बेहद लाचार होने के साथ कमजोर हो चुके हैं।

इकलौते बेटे की कैंसर से मौत !

महाराष्ट्र के वाशिम जिले में रह रहे आर्ट डायरेक्टर लीलाधर सावंत का एक बेटा भी था जिसकी कैंसर से मौत हो गई है और एक बेटी है जिसकी शादी हो चुकी है। इस समय दोनों पति-पत्नी कमरे के किराए से मिलने वाली आय से किसी तरह गुजारा कर रहे हैं।

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177 से फिल्मों में कर चुके हैं आर्ट डायरेक्शन

लीलाधर की वाइफ ने बताया कि जब डायरेक्टर कीर्ति कुमार फिल्म ‘हत्या’ बना रहे थे उस समय उन्होंने गोविंदा को इस इंडस्ट्री में जगह बनाने के लिए काफी मेहनत की थी। लीलाधर ने 100 डेज, दीवाना, सागर, हत्या, जैसी कुल 177 फिल्मों में आर्ट डायरेक्शन किया। 2 बार आए ब्रेन हैमरेज के अटैक के चलते लीलाधर सावंत की याददाश्त कम हो चुकी है। यहां तक अब वो अपनी बदहाली के बारे में भी नही बता पा रहे है। क्योकि लेकिन जुबान ने साथ छोड़ दिया है। लीलाधर सावंत की इन समय काफी हालत दयनीय है जिसे देखकर आपकी आखों से भी पानी आ जाएगा।



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